KADLI KE PAAT कदली के पात

चतुर नरन की बात में, बात बात में बात ! जिमी कदली के पात में पात पात में पात !!

81 Posts

3605 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 875 postid : 465

अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने -“Feedback”

  • SocialTwist Tell-a-Friend

अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने -“Feedback”

राम कृष्ण खुराना

ज़ागरण जंक्शन की ओर से मंच पर बिताए पलों के खट्टे-मीठे अनुभव सांझा करने के बारे में मेल मिली ! निःसंदेह यह एक प्रशंसनीय कार्य है ! इसी बहाने पुराने खिलाडी (लिखाडी) भी पुनः मंच से जुड जायेंगे ! क्योंकि वैसे तो आजकल लोगों के पास किसी से बात करने का भी समय नहीं है ! दुनिया मतलब की है ! किसी ने ठीक ही कहा है -

तुम्हें गैरों से कब फुरसत, हम अपने गम से कब खाली !

चलो बस हो चुका मिलना, न हम खाली न तुम खाली !!

यह मंच कई नए-नए प्रयोग करता रहा है और उसके बहुत अच्छे परिणाम भी निकले हैं ! दैनिक जागरण समाचार पत्र में भी नित नए प्रयोग हो रहे हैं जिससे एकरसता टूटती है और लेखकों व पाठकों को नई-नई चीज़ें पढने को मिलती हैं !

बात 2010 की है ! दैनिक जागरण में विज्ञापन पढा जिसमें जागरण जंकशन का सदस्य बनने तथा एक लेखन प्रतियोगिता (ब्लागस्टार) के आयोजन के बारे में लिखा था ! परंतु मैने उस समय इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया ! दो-तीन दिन बाद फिर वही विज्ञापन देखा ! तीसरी बार विज्ञापन देखने पर मेरा लेखक मन अपने आप को रोक नहीं सका और नेट पर जाकर जागरण जंक्शन की सदस्यता ले ली !

पहले-पहले पता नहीं था ब्लाग पर कैसे लिखा जाता है ! वो कहते हैं न कि “कैसे भेजूँ संदेश न जानू !” हमारे जमाने में कम्पयूटर मोबाईल नहीं थे ! रचनाएं हाथ से लिख कर या टाईप करके डाक द्वारा भेजा करते थे ! साथ में पता लिखा टिकट लगा लिफाफा लगाना पडता था ताकि रचना अस्वीकृत होने पर वापिस मिल सके ! फिर इंतज़ार करना पडता था रचना के प्रकाशित होने का ! पत्र पत्रिकाओं के पास रचनाएं बहुत आती थीं स्थान कम होता था ! गुणवत्ता और अपनी पालिसी आदि के हिसाब से वे छापते थे ! कुछ लोग पहले से जमे हुए थे ! नए लेखकों को कई बार बहुत समय लग जाता था !

18 मार्च 2010 को पहली रचना अंग्रेजी में इस मंच पर पोस्ट की ! एक बटन क्लिक करते ही रचना प्रकशित हो गई ! मज़ा आ गया  न टिकट लगाने का झंझट न डाक से भेजने की जहमत ! बटन के एक क्लिक ने कमाल कर दिया ! पहली प्रतिक्रिया श्री आशीश राजवंशी जी की मिली ! फिर निखिल झा जी की ! फिर तो सिलसिला शुरु हो गया !

मैं इस जागरण मंच का सदैव ऋणी रहूंगा ! यहां पर इतने अच्छे लेखक और पाठक मिले इतना बडा परिवार मिला जो अन्यत्र सम्भव न था ! इस मंच पर आकर साहित्य के समुद्र में डुबकी लगाने का मौका मिला ! दिल को छीलकर निकल जाने वाले व्यंग, ज्ञान वर्धक लेख, गुलाब की पंखुडियों की कोमलता लिए कवितांए, विज्ञान के नए-नए प्रयोग, ज्योतिष के उपाय, हिन्दी टाईपिंग का तोहफा ! सब कुछ एक ही छत के नीचे ! सब कुछ एक ही मंच पर !

मुझे सबका भरपूर प्यार मिला ! लेखकों में सर्व श्री मिहिर राज जी, अरविन्द पारीक जी, के एम मिश्रा जी, हमारे पंजाब के “पटियाला पुत्तर” राज कमल जी, एस पी सिंह जी, आर एन शाही जी, नीरज जी, रमेश बाजपाई जी, राजन मिश्रा जी, काजल कुमार जी, निखिल सिंह जी, शिवेन्द्र मोहन जी, आशुतोष जी, नवीन कुमार शर्मा जी, अजय कुमार झा जी, सुमित यादव जी, सचिन (आल राउंडर) जी, शार्देश जी, चातक जी, सन्नी राजन जी, दीपक जोशी जी, एस डी सिंह जी, एस पी सिंह जी, जैक जी, शिबु आर्य जी, जे एल सिंह जी, बैजनाथ पांडे जी, मनोरंजन ठाकुर जी, पीयूष पंत जी, तुफैल जी, आकाश तिवारी जी, अमित कुमार गुप्ता जी, भगवान बाबू जी, वाहिद जी, अबोध बालक जी, संजीव शर्मा जी, आर के पांडे जी, रशीद जी, विनय जी, धर्मेश जी, अश्विनी जी, ब्रजमोहन जी, श्री आशीश राजवंशी जी का स्नेह और सहयोग तो सदैव मिलता रहा है ! लेखिकाओं में सर्व सुश्री आदिति कैलाश जी, रौशनी जी, रीता सिंह जी, रजिया मिर्जा जी, सोनी गर्ग जी, शिवानी जी, सुमन जी, लता जी, नेहा जी, सीमा जी, डा0 दिव्या जी, रचना वर्मा जी, लता कमल जी, रिताम्भरा जी, अमिता जी, नेहा खन्ना जी, माला श्रीवास्तव जी, रजनी ठाकुर जी, तसमीना जी, विनिता शुक्ल जी, अलका सिंह जी, सुषमा जी, पूनम जी, अल्का गुप्ता जी, निशा मित्तल जी, दिप्ती अरोडा जी, प्रीती जी ! “कहाँ तक नाम गिनवायें” नाम तो और भी बहुत हैं लेकिन स्थानाभाव के कारण नहीं लिख पाया ! क्षमा प्रार्थी हूँ !

हमारी सुन्दर बिटिया आदिति कैलाश की प्रतिक्रिया पर हमने उसे बिटिया कहा तो उसने हमें “चाचा जी” कहकर सम्बोधन किया ! बस फिर तो सभी सदस्य मुझे “चाचा जी” कहकर ही बुलाने लगे ! इस प्रकार से मैं मंच पर “चाचा जी” के नाम से प्रसिद्ध हो गया !

कम्पयूटर पर हिन्दी में कैसे लिखते हैं पता नहीं था ! गूगल पर जाकर (English Transliteration) पर हिन्दी में टाईप कर कापी पेस्ट करके रचनांए भेजने लगा ! लेकिन यह बहुत ही असहज सा लगता था ! फिर नेट जरूरी था ! तभी प्रिय अरविंद पारीक जी का लेख छपा “अंग्रेजी की-बोर्ड से हिन्दी में टाईप करें !” बस हो गया काम ! उनके मार्गदर्शन में आफ-लाईन हिन्दी में टाईप करके लेख भेजने लगा और “कदली के पात” का सफर शुरु हो गया !

कहानी, व्यंग्य, लेख, कविता आदि तो मैं पहले से ही लिख रहा था और कई लब्ध-प्रतिष्ठ पत्र-पत्रिकाओं में मेरी रचनाएं प्रकाशित हो चुकी थीं ! इस संसार को छोडने के पश्चात भी नाम चलता रहे यह इच्छा बचपन से ही रही है ! इस तृप्ति की पूर्ति भी लेखक-जीवन में अनुभव करता हूं ! पहली रचना (एक सत्य कथा) 1970 में दैनिक हिन्दुस्तान, दिल्ली से प्रकाशित हुई !

इसके पश्चात मेरी लगभग 40-50 रचनांए सारिका, रविवार, मिलिन्द, चुलबुला, कहानीकार, एकांत, नवभारत टाईम्स, हिन्दुस्तान, दैनिक ट्रिब्यून, विनीत, अरा सृष्टि, स्वर्णिम प्रकाश, युगेन्द्र, वीर अर्जुन, पंजाब केसरी, वीर प्रताप, शिवालिक सन्देश तथा पब्लिक सिंडीकेट द्वारा कई लब्ध प्रतिष्ठ पत्र-पत्रिकायों में प्रकाशित हो चुकी थीं ! कई रचनांए कहानी व लघुकथा संस्करणों में प्रकाशित ! तीन रचनांए आकाशवाणी (आल ईंडिया रेडियो) से प्रसारित ! कई रचनांए पुरस्कृत ! शिवालिक सन्देश में स्तम्भ लेखक के रुप में प्रतिसप्ताह व्यंग लेखन !

दैनिक जागरण के मंच – जागरण जंक्शन द्वारा प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार प्राप्त !  जागरण जंक्शन द्वारा ही सर्वोत्तम लेखन के लिए हाल आफ फेम में चयनित ! एक रचना लाल किताब के सिद्ध टोटके वर्ष 2010 की सबसे ज्यादा पठित व सबसे ज्यादा टिप्पणी प्राप्त रचना चयनित !

Blogstar Contest – 1st Prize Winner

पोस्टेड ओन: 14 Jul, 2010 जनरल डब्बा में

zjunction_blogstar_banner_1stPrize_2

यहाँ पर देखें दैनिक जागरण समाचार पत्र में प्रकाशित चयनित विजेता ब्लॉग

http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=2&edition=2010-07-14&pageno=19

untitled

हाँ तो मैं बता रहा था कि इस मंच पर सफर शुरु कर दिया ! पहले पहल तो बस अपनी मस्ती में लिखते जाते थे ! टाप ब्लाग तथा फीचर्ड ब्लाग के बारे में कुछ भी पता नहीं था ! बस सदस्यों के कमेंट्स और प्रशंसा मिल जाती थी मन प्रसन्न हो जाता था ! मैंने अपनी फोटो के साथ अपनी रचनायें फीचर्ड ब्लाग में देखी ! कुछ रचनायें टाप ब्लाग में भी नाचती सी दिखाई दीं ! कुछ कुछ समझ में आया तो हम कुछ सीरियस हो गए ! और अच्छा लिखने का प्रयास करने लगे ! गाडी पटरी पर आ गई ! टाप ब्लाग, फीचर्ड ब्लाग, बेस्ट ब्लागर ओफ दी वीक, ज्यादा चर्चित, ज्यादा पठित व अधि मूल्यित में रचनाएं आने लगीं ! खूब दिल खोलकर लिखा ! लोगों के दिल की बात सुनी, अपने दिल की बात कही ! क्योंकि हमने कहीं पढा था कि यारों के साथ दिल खोल कर बात करनी चाहिए  दिल में बात रखने से दिल के जाम हो जाने का खतरा पैदा हो जाता है ! फिर उसे खोलने के लिए डाक्टर औजार चलाते हैं ! किसी ने ठीक ही कहा है

अगर दिल खोला होता अपने यारों के साथ !

तो अब खोलना न पडता औज़ारों के साथ !!

तभी एक दिन जंक्शन की ओर से टाप-20 ब्लाग्स की सूची प्रकाशित हुई ! हाँ मैं बताना भूल गया था कि जागरण जंक्शन ने प्रतियोगिता के लिए 10 पुरस्कार रखे थे ! प्रथम पुरस्कार एक लैपटाप था ! दूसरा स्मार्ट फोन और तीसरा कैमरा ! बाकी के सात विजेताओं को प्रत्येक को 1100/- रुपये के वाउचर मिलने थे ! मंच की तरफ से कदाचित यह पहली प्रतियोगिता थी ! सभी उत्साह और रोमांच से भरे थे ! टाप-20 ब्लाग्स में अपना नाम देखकर खुशी हुई ! बधाईया लेने-देने का सिलसिला शुरु हुआ ! थोडी सी आस बन्धी ! तभी हमने एक हास्य रचना  “कौन बनेगा ब्लागपति” पोस्ट की ! उसी दिन जंक्शन की ओर से टाप-10 ब्लाग्स की घोषणा कर दी गई ! उसमें भी अपना नाम था ! तसल्ली हुई कि चलो कम से कम एक पुरस्कार तो मिलेगा ही ! फिर कलम को थोडा और कसा ! व्यंग की धार तेज की ! कहानियों में और जान डालने की कोशिश की ! गालीचाचा का बाउंसर (हास्य – व्यंग)आठवां अजूबा – हास्य-व्यंग,  “मुझको प्यार तुमसे है“ ,  हम हिन्दी दिवस हैं मनाते, कच्चे धागे , मुझे जल्लाद बना दो, कि भाई सुनो…..(हास्य-व्यंग), भगवान शंकर – महाशक्ति, पापा तुम कहां चले गए ?, कोई गारंटी नहीं, अमीर बनने के अचूक नुस्खे, हाय प्यारी लगती है, मैं मुखौटे बेचता हूं – (हास्य-व्यंग),

माँ का दिल, रौशनी दिखती नहीं – (हास्य-व्यंग), सच्चा प्यार -(हास्य), आदमी की पूंछ – (हास्य-व्यंग), बस लिखते रहे ! लिखते रहे ! लिखते रहे ! किसी ने कहा है न कि “बिना लिबास आए थे इस जहाँ में, बस इक कफन की खातिर इतना सफर करना पडा !”

पता नहीं जागरण वालों को क्या सूझी कि उन्होंने सबसे पहले तृतीय पुरस्कार की घोषणा कर दी ! तृतीय पुरस्कार हमारे प्रिय अरविन्द पारीक जी को मिला ! अब तो दिल की धडकनें बढ गई ! हर कोई प्रथम पुरस्कार की कामना करने लगा ! लोग क्यास लगाने लगे ! गुपचुप-गुपचुप बातें बनाने लगे ! सभी के दिल में ब्लागस्टार बनने की लालसा थी लेकिन मंच पर लोग एक दूसरे को प्रथम पुरस्कार पाने का हकदार कहने लगे ! इसी चुहलबाजी में जागरण ने द्वितीय पुरस्कार भी घोषित कर दिया ! पुरस्कार मिला मंच के प्रसिद्ध व्यंगकार के एम मिश्रा जी को ! अब तो “जियरा धक-धक करने लगा” ! सोचा दो बडे पुरस्कार तो हाथ से निकल गए ! “रामा कृष्णा तुम तो गयो” ! एक हास्य रचना “रंग दे गुलाबी चोला” लिखी ! हमने देखा कि जागरण वाले 15-15 दिन के अंतराल पर यह घोषणाएं कर रहे थे ! दूसरे पुरस्कार के बाद हम पन्द्रहवे दिन का इंतजार करने लगे ! राम-राम करते 14 जुलाई का दिन भी आ गया ! सुबह लगभग सवा दस बजे कम्पयूटर आन किया तो….तो….तो सामने अपनी फोटो और नाम देखा !

1st Prize Winner….!  प्रथम पुरस्कार….!! प्रथम पुरस्कार….!!!


जागरण जंक्शन ने प्रथम पुरस्कार का अधिकारी मुझे बनाया था ! जागरण जंक्शन कोटि-कोटि नमन ! मैं जंक्शन का और पाठकों का कैसे शुक्रिया अदा करूँ ! एक सपना पूरा हुआ ! मेरी रचना आंख नहीं लगती को सर्वश्रेष्ठ रचना का खिताब मिला ! मेरी रचना और फोटो दैनिक जागरण समाचार पत्र में भी छ्पने के कारण कई परिचितों व रिश्तेदारों के फोन आने लगे !

10 अगस्त 2010 दिन मंगलवार ! जागरण जंक्शन द्वारा मेल मिली ! जिसमें प्रथम पुरस्कार की बधाई और दैनिक जागरण के आफिस लुधियाना से लैपटाप प्राप्त करने के बारे में लिखा था ! मैं मेल पढ ही रहा था कि… ट्रिन ट्रिन…. ट्रिन ट्रिन….ट्रिन ट्रिन…. मोबाईल की घंटी बज उठी ! हैलो कहने पर दूसरी तरफ से फिर प्रथम पुरस्कार के लिए बधाई मिली, तथा लैपटाप लेने के लिए श्री मनीष चतुर्वेदी जी से मिलने की बात कही ! मैंने बातों ही बातों में पूछा कि आप कौन बोल रहे हैं ? उनका उत्तर सुनकर मैं स्तब्ध रह गया ! एकदम सन्न !!! उन्होंने कहा कि- “मैं जागरण जंक्शन का प्रोडक्ट हेड बोल रहा हूँ ! नाम… प्रभाकर शास्त्री !” मैं स्तब्ध रह गया ! कुछ देर तक तो मेरे मुँह से कोई बोल नहीं फूटा ! मैने सोचा कहां जागरण जंक्शन के प्रोडक्ट हेड और कहां मैं एक अदना सा कलम घसीटू (लेखक) ! वे स्वयं अपने दस जरूरी काम छोड कर मुझे बधाई दे रहे हैं …!!! साधुवाद ! उनसे काफी देर तक बात होती रही ! इसके पश्चात भी फोन पर और मेल द्वारा कई बार बात हुई ! मैंने उनको मंच के बारे में कई सुझाव दिए अधिकतर सुझाव उन्होंने लागू भी किए ! बहुत ही प्यारे सज्जन ! मीठी आवाज ! हर मेल का उत्तर अवश्य देते ! जरा सी भी बू नहीं ! ज़रा सी भी अकड नहीं ! इसे कहते हैं बडप्पन !

दूसरे दिन अपने बडे दामाद व उनके बेटे के साथ लुधियाना के जागरण के आफिस में मुनीष जी से मिला ! वहीं श्री सतीष मिश्रा जी (सीनियर जी एम, जागरण, पंजाब) से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ ! उनके कर कमलों से ही लैपटाप मिला ! नीचे फोटो में नीली टी-शर्ट में श्री विजय गुप्ता जी (न्यूज एडिटर), साथ में श्री सतीष मिश्रा जी जागरण के सीनियर जी एम पंजाब, जो मुझे लैपटाप दे रहे हैं ! उनके साथ मेरा दोहता और बाईं तरफ मैं ! श्री सतीष मिश्रा जी भी बडे ही सज्जन पुरुष हैं ! बडे अच्छे लेखक हैं ! सागर में गागर भर देते हैं ! उनके लेख “देखन में छोटे लगें घाव करें गम्भीर” की कहावत को चरितार्थ करते हैं ! मैंने उनके कई लेख पढे ! लेकिन मेरे विचार से उनका सर्वश्रेष्ठ लेख है – “मेरे अन्दर हैं श्री राम !” इस लेख को मैं कई बार पढ चुका हूँ ! जितनी बार भी पढता हूँ उतना ही आनन्द आता है, उतना ही रस मिलता है ! रामायण की तरह ! उन्होंने अपना अमूल्य समय निकाल कर मेरी कई रचनाओं पर प्रतिक्रिया भी दी ! कोटिश आभार !

Blogstar Contest Prize Photos

पोस्टेड ओन: 13 Aug, 2010 जनरल डब्बा में

1st Prize Winner – Mr. R K Khurana

Mr. R K Khurana being awarded the 1st Prize (A Dell Laptop) by Mr.Satish Mishra (Sr. G.M. Punjab) and Mr.Vijay Gupta (News Editor) at Dainik Jagran’s Ludhiana Office.

Copy of RK Khurana ji

जागरण जंक्शन हॉल ऑफ फेम

पोस्टेड ओन: 6 Sep, 2010 जनरल डब्बा में

20100906_junction_halloffame_600x100

प्रिय ब्लॉगर्स,

जागरण जंक्शन पर आपके द्वारा निरंतर उच्च गुणवत्ता के ब्लॉग पोस्ट किए जाते रहे हैं जिसके लिए आपका आभार ! इन ब्लाग पोस्ट में कुछ पोस्ट ऐसे भी होते हैं जो याद रखने योग्य होते हैं ! ऐसे में जागरण जंक्शन ने बेहतरीन ब्लाग पोस्टों को सबके सामने लाने के लिए एक नया सेक्शन हाल आफ फेम” आरंभ किया है ! इस हाल आफ फेम ब्लाग में शामिल ब्लाग पोस्ट को हमारे सम्पादक मंडल के साथ-साथ अन्य सभी यूजर्स के द्वारा भी प्रशंसा प्राप्त हुई है !

जागरण जंक्शन के हॉल ऑफ फेम ब्लॉग निम्नलिखित हैं

user-176-96 आओ अब लिखा जाए

by Vishnu Tripathi


user-33-96

विकास का सच

by Dhirendra Shrivastav

user-249-96 मुर्दों को भी चाहिए पैसे!
by Ravikant Prasad
tn_RK-Khurana आंख नहीं लगती

by R K Khurana

user-833-96 रिक्शेवाले की जुबानी, देश की कहानी…

by K M Mishra

साल 2010 के सर्वाधिक चर्चित ब्लॉग

पोस्टेड ओन: 1 Jan, 2011 जनरल डब्बा में
प्रिय जागरण जंक्शन ब्लॉगर,

नव वर्ष की हार्दिक बधाइयां

साल 2010 ब्लॉग संसार के लिए एक नए अवसर और बेहतरी का पैगाम लेकर आया. जागरण जंक्शन ने ब्लॉगिंग की दुनियां में नए मानदंड स्थापित किए और ब्लॉग जगत के बेहतरीन ब्लॉगरों को सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसी उद्देश्य से जागरण जंक्शन मंच पर वर्ष 2010 के सर्वाधिक पढ़े गए और सर्वाधिक टिप्पणी प्राप्त ब्लॉगों के नाम क्रमशः अलग-अलग प्रकाशित किए जा रहे हैं.

क्रमांक

वर्ष 2010 के सर्वाधिक पढ़े गए ब्लॉग

वर्ष 2010 के सर्वाधिक टिप्पणी प्राप्त ब्लॉग

1

लाल किताब के सिद्ध टोटके

लाल किताब के सिद्ध टोटके

2

एक झलक इतिहास के झरोखे से कॉमनवेल्थ गेम्स

न जन्मा है, न मृत्यु !

3

मस्ती की पाठशाला । (हास्य कविता)

बाबा रामदेव ..एक असलियत

4

बाबा रामदेव ..एक असलियत

जीने की कला (३)

5

Spell Bound at the Jagran Forum

अयोध्या इतिहास के आइने में

6

लडकी पटाने का मस्त तरीका

हमरे राहुल भइया भी न…गजबे हैं!

7

विकास का सच

क़तरनाक आतंकवादी एम्.ऍफ़.हुसैन

8

सानिया मिर्ज़ा की शादी – भाग – २ ( हास्य – व्यंग ) कवि की कल्पना

सजदा

9

आओ अब लिखा जाए

कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है

10

प्रेयसी

सभी मर्द एक जैसे आखिर क्यों

“मोहबत हो गई जिनसे शिकायत उनसे क्या होगी ?” लेकिन शिकायत भी तो अपनो से ही की जाती है ! मंच की ओर से घोषणा की गई थी -“Jagranjunction.com के होम पेज पर मिलेगा आपके ब्लॉग को स्थान” अर्थात प्रथम, द्वितीय व तृतीय विजेतायों को मंच के होम पेज पर स्थान देने की बात कही थी परंतु मंच की ओर से ऐसा कुछ भी नहीं किया गया ! मेरी रचना लाल किताब के सिद्ध टोटके वर्ष 2010 की ‘सर्वाधिक पढी गई और सर्वाधिक टिप्पणी प्राप्त’ रचना के रूप मे चयनित हुई थी ! उसी लेख को हूबहू चुराकर किसी कौशल पाण्डेय फोन नंबर 09310134773 ने 16 अगस्त को मंच पर ही पोस्ट कर दिया ! इसके लिए मैंने मंच पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, कई मेल लिखीं, लेकिन मंच की ओर से कोई भी एक्शन नहीं लिया गया ! हाँ मंच के साथियों ने उन महाशय को बहुत लताडा ! कई सदस्यों ने उनको फोन करके इस बाबत खूब खरी-खोटी सुनाई ! 24 अगस्त 2010 को हमारे प्रिय भतीजे, मन्च के दबंग दारोगा, पटियाला पुत्तर राज कमल जी ने इस बारे में अपना एक लेख लिखा “खुराना चाचा जी की रचना के चोर …..(पंडित के नाम पर कलंक) पर लानत” !  सभी सदस्यों के सहयोग के कारण उन महाशय ने मुझसे फोन पर माफी मांगी और उस लेख को डिलीट कर दिया ! मैं राज कमल जी का और सभी सदस्यों का दिल से आभारी हूँ ! परंतु जंक्शन की ओर से सहयोग तो दूर कोई उत्तर भी नहीं मिला !

जागरण जंक्शन ने जितने भी पुरस्कार दिए हैं वे विजेताओं के घर पर दिए हैं ! जिस कारण से लेखकों को अपने साथियों से मिलने का, रुबरु होने का मौका नहीं मिला ! मैं जागरण जंक्शन से निवेदन करना चाहता हूँ कि वे एक समारोह दिल्ली में या किसी भी स्थान पर करवाएं जिसमें आज तक के सभी पुरस्कार प्राप्त लेखकों को व अन्य प्रतिष्ठित लेखकों को बुलाएं और सभी का एक दूसरे से परिचय कराये ! इस प्रकार से मिली सराहना से गर्व महसूस होता है और लिखने के लिए नई उर्जा मिलती है और हम और बडे लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास करते हैं ! दूसरी बात ! मंच के सभी विजेताओं की सबसे अच्छी रचनाएं, हाल आफ फेम में चयनित रचनाएं तथा अन्य लेखकों की सभी अच्छी रचनाओं को दैनिक जागरण समाचार पत्र के सभी संस्करणों में एक–एक कर लेखक की फोटो व परिचय के साथ प्रकाशित करें जिससे दैनिक जागरण के साढे पांच करोड पाठक पढ सकें और लाभ उठा सकें !

मैं पुनः बिना झिझक यह कहना चाहूँगा कि मैं जागरण जंक्शन का सदैव ऋणी रहूंगा ! जागरण जंक्शन बहुत बड़ा मंच है ! जो कुछ भी मुझे इस मंच से मिला है और कहीं भी सम्भव नहीं लगता था ! जागरण जंक्शन पुनः कोटि-कोटि नमन ! जागरण के लिए यह शेयर :

जब तक बिके न थे कोई पूछ्ता न था !

आपने खरीद कर हमें अनमोल बना दिया !!

राम कृष्ण खुराना

426-ए, माडल टाऊन एक्सटेंशन,

लुधियाना (पंजाब)

99889-50584

khuranarkk@yahoo.in



Tags:           

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (23 votes, average: 4.87 out of 5)
Loading ... Loading ...

67 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Montazhk3 के द्वारा
July 8, 2017

Предлагаем изготовление сварной балки различной сложности. Имеем большие объёмы для изготовления сварной балки. Размер сварной балки: от 6см до 1800 мм. Максимальная длинна 16метров. Толщина сварной балки: от 6 мм. Цена: 44850 за тонну вместе с материалами Работаем по Центральному региону. Любые объёмы производства (4932) 388-968

Darrel Twogood के द्वारा
March 30, 2017

Полное избавление от алкоголизма вне зависимости от стадии! … нужна помощь Заказала данное средство, потому что верю в природные компоненты … pronews24.ru

Sid Rull के द्वारा
March 28, 2017

Купить АлкоБарьер средство от алкоголизма в Актау после кодирования от алкоголизма лечение алкоголизма в домашних условиях … pronews24.ru

Pandora Cho के द्वारा
March 23, 2017

stonewall is a good one and it looks so beautiful dusted with snow

Melaniemex के द्वारा
October 23, 2016

XRumer 12.0.19 is the BEST

Ramesh Bajpai के द्वारा
August 1, 2012

आदरणीय भाई जी आपके साथ साझा किये गए विचार , लेखन व मार्गदर्शन इस मंच पर आकर ही मिले है | आपका स्नेह व आशीर्वाद भी भरपूर मिला | आपने अपनी इस लेखन यात्रा को हम सब से साझा किया है | आप हमेसा स्वथ्य रहे ,प्रसन्न रहे यही कामना है | हमारी दुवाये आप के साथ है | आपके नाम का मेल पढ़ कर एक बार तो स्तब्ध रह गया ,पर मै तुरंत मंच पर आया ,यहाँ किसी पोस्ट पर आपकी कमेन्ट उसी डेट पर थी | दुबारा मेल पढ़ी तो लहजा आप के व्यक्तित्व से अलग लगा |

    R K KHURANA के द्वारा
    August 1, 2012

    प्रिय रमेश जी, आप लोगो के प्यार और इश्वर की महान कृपा से में ठीक हूँ और मुझे किसी प्रकार का कोइ नुक्सान नहीं हुआ है ! मेरी मेल हैक होने के कारन उस दुष्ट ने मेरे सभी कान्टेक्ट पर मेल कर दी थी ! मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” पर आपकी प्रतिक्रिया मिली ! मन प्रसन्न हो गया ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

R K KHURANA के द्वारा
July 25, 2012

जैसा की जैक जी ने भी लिखा है, मेरी आई डी khuranarkk@yahoo.in को किसी ने हैक कर लिया है ओर उस आई डी से मेरे सभी कांटेक्ट लोगो को एक गलत मेल भेज दी है के मैं स्पेन मे हू ओर मेरा सामान चोरी हो गया है ! मैं जख्मी हूँ ! मुझे पैसे भेजो ! मै क्या करूँ ? इस समय मेरी आई डी पर कोइ मेल भी नहीं आ रही ! मैं बहुत परेशान हूँ ! इस तरह से तो कोइ और गलत बात लिख कर किसी को भी भेज सकता है ! सभी सदस्यों से मेरा निवेदन है कि कोइ समाधान बताएं ! धन्यवादी हूँगा ! राम कृष्ण खुराना

Jack के द्वारा
July 24, 2012

प्रिय चचा जी, आज आपकी जीमेल आईडी से एक मेल आया कि आप स्पेन में हैं और आपका पर्स और सामाना चोरी हो गया है. क्या यह बात सच है या आपका जीमेल आईडी हैक हो गया है. कृप्या इस बात को बेहद गंभीरता से लें और अपनी आईडी को चैक करें. khurranarkk@yahoo. com इस आईडी से हमें एक मेल आया जो इस प्रकार है “I’m sorry for not telling you about my trip to Spain, I’m writing this with tears in my eyes, my family and i came down here for a short trip and i never thought things would be this way, I got robbed at the park of the hotel where i lodged am seriously injured now…All i need is a quick loan of 1400, i promise as soon as i get back home hopefullu today i will refund back your money back.” क्या वास्तव में आप किसी समस्या में हैं या फिर आपका आईडी हैक ह गया है. अगर आपका आईडी हैक हो गया है तो प्लीज अपना पासवर्ड बदल लें. http://jack.jagranjunction.com/

    R K KHURANA के द्वारा
    July 24, 2012

    प्रिय जैक जी, हाँ मेरी यह आई डी हैक हो गयी लगाती है ! क्योंकि अभी अभी मुझे डेनमार्क से भी मेरी भतीजी का फोन आया है ! मैं सही सलामत भारत में हूँ और मुझे किसी प्रकार का कोइ नुक्सान नहीं हुआ है ! यह किसी ने मेरी आई डी हैक करके गलत मेल भेजी है ! मुझे मेल के बारे में बताने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद ! आप जैसे शुभ चिंतको के प्यार के कारण ही मैं ठीक हूँ ! राम कृष्ण खुराना

    R K KHURANA के द्वारा
    July 25, 2012

    प्रिय जैक जी, आपके कथनानुसार मैंने अपना पासवर्ड बदल दिया है लेकिन आई डी पर कोइ भी मेल नहीं आ रही ! मैं प्रेषण हूँ क्या करू ? खुराना

Rajni Thakur के द्वारा
June 19, 2012

खुराना जी , जागरण के साथ बिताए गए पलों को आपने बेबाकी एवं सहजता से हमारे साथ साझा किया, एक ही साँस में पूरी रचना पढ़ गई. साधुवाद

    R K KHURANA के द्वारा
    June 20, 2012

    प्रिय रजनी जी, मेरी रचना “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” आपको अच्छी लगी ! आभारी हूँ ! कृपया ऐसे ही स्नेह बनाए रखें धन्यवाद राम कृष्ण खुराना

allrounder के द्वारा
June 2, 2012

नमस्कार खुराना साहब, आज काफी दिनों बाद मंच पर आना हुआ, और आते ही आपके इस लेख से रूबरू होने का अवसर मिला, आपने ब्लौगिंग के जिस सफ़र का जिक्र आलेख मैं किया है उस सफ़र का मैं भी कहीं न कहीं हमसफ़र था, और आपके साथ – साथ मेरा भी नाम विजेताओं मैं शामिल था, यधपि आप नंबर वन और मैं नंबर नौ पर था. :) :) पर उस प्रतियोगिता की यादें मानस पटल पर आपने फिर से तरोताजा कर दीं , जिसमे हमने ब्लौगिंग के हर पल को एन्जॉय किया ! मंच के सारे बिसरे साथियों की यादें ताजा करने के लिए आपका हार्दिक आभार !

    R K KHURANA के द्वारा
    June 3, 2012

    प्रिय सचिन जी, इस मंच ने हम सबको बहुत कुछ दिया है ! हमारे पुराने साथी आज भी याद आते हैं ! वो पल याद आते हैं ! वो हसीं ठिठोली, लड़ना झगड़ना, मान मनुवल सब कुछ याद आता है ! मेरी रचना “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” पर आपका स्नेह मेरे लिए गर्व का विषय है ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

sadhanathakur के द्वारा
May 30, 2012

सम्मानीय सर ,आपके लेख से ,आपके अनुभव से बहुत कुछ सीखने को मिला ,अच्छा लगा आपका सफ़र पढ़ कर ………

    R K KHURANA के द्वारा
    May 30, 2012

    प्रिय साधना जी, आपको मेरा लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” अच्छा लगा ! आपका आभारी हूँ. ! कृपया ऐसे ही स्नेह बनाये रखें ! राम कृष्ण खुराना

alkargupta1 के द्वारा
May 28, 2012

आदरणीय खुराना जी , सादर अभिवादन काफी दिनों बाद नेट खोला आपका लेख पढ़ कर अत्यंत ही प्रसन्नता हुई प्रारम्भ से लेकर अब तक आपकी की सारी उपलब्धियों को पढ़ कर बहुत ही अच्छा लगा ऐसा लगा अब आपके लेख बराबर पढने को मिलते रहेंगे….जब मैं इस मंच पर नयी आई थी तो आपने समय समय पर मेरा मार्ग प्रदर्शन किया और बहुत कुछ सीखने को मिला आज आपके आने से मंच फिर से सजीव हो उठा आपके आने से सुखद अनुभूति हुई…

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय अलका जी, मेरी रचना “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” पर आपका स्नेह पाकर बहुत हर्ष हुआ ! बहुत दिनों के बाद आपकी प्रतिक्रिया मिली ! आप आजकल ओमान में ही है या भारत में हैं ! मेरे लायक कोइ भी सेवा हो तो अवश्य लिखें ! आपकी प्रतिक्रिया एके लिए आभार ! राम कृष्ण खुराना

yogi sarswat के द्वारा
May 28, 2012

श्री खुराना जी , सादर नमस्कार ! आपका सफ़र बहुत ही शानदार और गर्व करने वाला रहा है ! लेखक को अगर उसके लेखन का पुरस्कार मिल जाता है तो उसका जोश और भी बढ़ जाता है और जिम्मेदारी भी ! आपके विषय में , आपके लेखन के विषय में बहुत ही सटीक और विस्तृत जानकारी मिली ! आप निश्चय ही इस मंच के हीरा हैं ! आप से आशा है की आप हम जैसे नव आगंतुकों को आशीर्वाद देकर मार्गदर्शन करते रहेंगे !

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय योगी जी, आपने एक अदना से कलम घसीटू को इतना प्यार दे दिया है की मैं गद गद हो गया ! मेरी सेवाएँ और आशीर्वाद तो हमेशा ही आप लोगो के साथ रहेगा इसमें कोइ दो राय नहीं है ! धन्यवाद् सहित. ! राम कृष्ण खुराना

NAVEEN KUMAR SHARMA के द्वारा
May 28, 2012

चाचा जी नमस्ते चाचा जी जागरण जंक्शन के साथ एक सफल सफ़र के लिए बधाई चाचा जी आपने सही कहा है कि अपने दिल की बात अपने दोस्तों के साथ जरुर करनी चाहिए अगर नहीं करोगे तो आपके दिल को औजारों से खोलना ही पड़ेगा नवीन कुमार शर्मा बहजोई (भीमनगर ) उ. प्र. – 202410 मोबाइल नंबर – 09719390576

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय नवीन कुमार जी, क्या हाल चाल हैं आपके ! बहुत दिनों के बाद आप से मुलाकात हुई ! कैसे हैं आप ! आपका परिवार सानंद है न ! मेरी रचना “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” पर आपकी प्रतिक्रिया मिली ! धन्यवाद ! राम कृष्ण खुराना

    NAVEEN KUMAR SHARMA के द्वारा
    June 5, 2012

    चाचा जी मैं और मेरा परिवार सानंद है आप और आपका परिवार तो सानंद हैं? मैंने आपका फ़ोन मिलाया था लेकिन आपका नंबर नहीं मिला मैंने आपका दूसरा नंबर नोट कर लिया है मैं आपको शीघ्र ही कॉल करूँगा नवीन कुमार शर्मा बहजोई (भीमनगर) उ. प्र. – २०२४१० मोब. न. 09719390576

    R K KHURANA के द्वारा
    June 5, 2012

    प्रिय नवीन जी, आपका स्वागत है !

Satya Prakash के द्वारा
May 28, 2012

आपका लेख मैने पढ़ा और आपके बारे मे जानकर बहुत अच्‍छा लगा और मै आपसे बहुत कुछ सिखने का मौका मिलेगा और मार्गदर्श भी, हम सभी आपके आभारी है कि आप जैसे लोग जागरण जक्‍शन पर मौजुद है कृपया हम जैसे नन्‍हे लेखको का मार्गदर्शन करें आपका सत्‍य प्रकाश पाण्‍डेय  9198431217

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय सत्य प्रकाश जी, आपको मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” से सीखने का मौका मिलेगा जानकर प्रसंता हुई ! मेरा लिखना सार्थक हो गया ! मेरा आशीर्वाद हमेशा आप लोगो के साथ है ! धन्यवाद राम कृष्ण खुराना

D33P के द्वारा
May 28, 2012

आदरणीय खुराना जी , नमस्कार, आपने जागरण जंक्शन पर अपने अब तक के सफ़र के अनुभव को इतने सुन्दर ढंग से अभिव्यक्त किया, कि पढ़कर बहुत अच्छा लगा,हार्दिक आभार

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय दीप्ती जी, मेरी रचना “अनमोल बनाया जागरण जंक्शन ने” पर आपका स्नेह मिला ! आभारी हूँ. ! कृपया ऐसे ही स्नेह बने रखें राम कृष्ण खुराना

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय अजय जी, आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद राम कृष्ण खुराना

dineshaastik के द्वारा
May 28, 2012

आदरणीय  खुनाना जी, आपके सफल जागरण जंक्शन के सफर के लिये बधाई। आपके सफर से मुझे भी प्रेरणा मिलेगी। भविष्य  में आपके ज्ञानवर्धक  एवं उपयोगी आलेख  पढ़ने को मिलेंगे।

    dineshaastik के द्वारा
    May 28, 2012

    क्षमा चाहता हूं कि खुनाना को खुराना पढ़े

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय दिनेश जी, जी हाँ ! इस मंच पर मैं हमेशा आप लोगों के साथ रहूँगा ! जीतनी भी मुझसे हो सकेगी आप लोगो की सेवा करूंगा ! यह मेरा वडा है ! मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” पर प्रतिक्रिया देने के लिए आपका शुक्रिया ! राम कृष्ण खुराना

Ramesh Bajpai के द्वारा
May 28, 2012

आदरणीय भाई जी यादो का यह सुनहरा आत्मीय सफ़र उन पलों को जीवंत कर गया जो यहाँ बीते है .बहुत बधाई | उम्मीद है इसी तरह इस मंच पर आप अपनी रचनाओ क्र छक्के मारते रहेगे | शुभकामनाओ सहित

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय रमेश जी, बहुत दिनों बाद आपके दर्शन हुए ! मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” ने पुरानी यादें ताज़ा कर दी ! आप लोगो के सहयोग के बिना कुछ भी संभव न था ! प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

चन्दन राय के द्वारा
May 28, 2012

खुराना जी , मेरे अन्दर लेखन इक जूनून की तरह है , और इस जूनून को इस मंच ने ही सहारा दिया , सम्मान दिया ,यह मंच मेरे लिए साहित्य क्षेत्र में प्रथम प्यार की तरह है , जिसने मेरी लेखनी को खाद दी , की मेरी जड़े मजबूत हो गहरी जमे और आपके बारे में पढ़कर इस मंच का सम्मान मेरे लिए निश्चय ही अब अतुल्य हो गया है ,

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय चन्दन जी, आपका जो जनून है वो आपको एक दिन बहुत ऊँचा ले जायगा और आप आसमान में चाँद सितारों की तरह चमकेंगे मेरा आशीर्वाद है ! आप लिखना न छोड़े और मंच के साथ जुड़े रहे ! कामयाबी जरुर मिलेगी ! मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” पर प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद ! राम कृष्ण खुराना

s.p. singh के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी प्रणाम छोटे से सफ़र में लम्बी (बड़ी) उपलब्धि के लिए बधाई स्वीकार करें ! आपने सही कहा –लोगों के दिल की बात सुनी, अपने दिल की बात कही ! क्योंकि हमने कहीं पढा था कि यारों के साथ दिल खोल कर बात करनी चाहिए दिल में बात रखने से दिल के जाम हो जाने का खतरा पैदा हो जाता है ! फिर उसे खोलने के लिए डाक्टर औजार चलाते हैं ! किसी ने ठीक ही कहा है अगर दिल खोला होता अपने यारों के साथ तो अब खोलना न पडता औज़ारों के साथ !! आपने बिलकुल सही कहा की अपने मन की बात कहो (लिखो) और एक क्लीक में ही सब कुछ सामने छप जाता है ! चिट्टी पत्री के झंझट से छुटकार स्वीकृति अस्वीकृति का भय समाप्त इस लिए जागरण मंच अपने आपमें अनमोल तो है ही ?

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय एस पी सिंह जी, आप जैसे बड़े लेखको का प्यार मुझे सदा ही मिलता रहा है ! इसी कारण मेरी यह नईया पार लग सकी ! मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” पर आपका स्नेह मिला ! कोटिश धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

vinitashukla के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी, आपके यादों के सफर ने मंच से सम्बद्ध, यादगार पलों को ताज़ा कर दिया. आभार

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय विनीता जी, आपको मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” यादों के पलो का सफ़र करा दिया ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

lata kamal के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी ,नमस्कार आपने जागरण -जंक्शन के अपने अनुभव हम सबके साथ इतनी बारीकी से साझा किये हैं की मन तो प्रसन्न हुआ ही साथ ही बहुत से नयी जानकारी भी मिली .मैं तो सिर्फ आप लोगो के लेख पढ़ कर ही अपना ज्ञान -वर्धन करती हूँ .निशा जी से आपके विषय में जानकारी भी मांगी थी एक बार . आपके लेख में अपना नाम देख कर सुखद एहसास हुआ और आपकी याददश्त पर गर्व भी हुआ .धन्यवाद .आप लिखते रहें और हम पढ़ कर अपना ज्ञान बढ़ाते रहें ,ईश्वर से यही प्रार्थना है .

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय लता जी, आप जैसी सुधि लेखिका के प्रोत्साहन से ही आगे लिखने का साहस कर पाता हूँ ! आपका स्नेह मुझे मिलता रहा है मैं आप लोगो का एहसान मंद हूँ ! आपने मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” पर प्रतिक्रिया देने के लिए समय निकला ! आपका आभार ! कृपया ऐसे ही स्नेह बने रखे ! राम कृष्ण खुराना

rita singh 'sarjana' के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना अंकल जी , सादर नमस्कार , जागरण मंच से जुडी संस्मरण पढ़ते समय फ्लेस बेक पर चली गई और उस समय का मंच सजीव हो उठा , मैं जब नई-नई आई थी तो आपने मेरा मार्गदर्शन किया था l सब कुछ आँखों के सामने आने लगा फिर पता नहीं क्यों धीरे-धीरे आपका आना कम होने लगा , परन्तु आज जे जे पर बिताये पलो को सांझा करके पुन : वह ख़ुशी का एहसास हुआ हैं , बस यूँ ही आपका आशीर्वाद हमें सदैव मिलता रहे इसी कामना सहित , स्नेहाकांक्षी रीता सिंह

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय रीता जी, मैं भी जब अपना यह लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” लिख रहा था तो साड़ी घटनाएँ मेरे सामने एक पिक्चर की तरह से चल रही थी और मैं उसे ही लिख रहा था ! मुझे वो पुराने सभी साथी याद आ रहे थे ! मेरा आशीर्वाद सदा आप लोगो के साथ है ! धन्यवाद ! राम कृष्ण खुराना

Punita Jain के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी , आपने जागरण जंक्शन पर अपने अब तक के सफ़र के अनुभव को इतने सुन्दर ढंग से अभिव्यक्त किया, कि पढ़कर बहुत अच्छा लगा और आपके जैसा लिखने की प्रेरणा मिली | ईश्वर से प्रार्थना है कि आप जीवन में और भी कामयाबियां प्राप्त करें व अन्य ब्लॉगर्स का मार्ग दर्शन करते रहें |

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय पुनीता जी, आप लिखना जारी रखे निश्चय ही आप भी एक दिन अच्छे मुकाम पर पहुचेंगी ! मेरा विश्वास और आशीर्वाद है ! आपको मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” से प्रेरणा मिली मेरे लिखना सार्थक हो गया ! आपका धन्यवाद ! राम कृष्ण खुराना

krishnashri के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी , सादर नमस्कार , अपने परिवार ,समाज ,एवं देश का अतीत जानना सभी के लिए एक उत्सुकता पूर्ण अनुभव होता है . आप श्रीमान ने मंच का अतीत खुले एवं संतुलित शब्दों में वर्णित किया है , आपका बहुत बहुत धन्यवाद .

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय कृष्ण श्री जी, पुराणी यादें जब याद आती है तो वो सारा किस्सा एक रील की तरह आँखों के सामने घुमने लगता है ! अत्तीत का वर्णन भी अपने आप में कमल होता है ! इसी को मैंने अपने लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” में ढालने की कोशिश की है ! आपको अच्छा लगा ! दिल खुश हो गया ! प्रतिक्रिया के लिए आभार ! राम कृष्ण खुराना

rekhafbd के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी ,जागरण जंक्शन के साथ जुड़े आपके संस्मरण पढ़ कर बहुत अच्छा लगा ,मुझे भी इस मंच के साथ जुड़े लगभग चार महीने ही हुए है ,आपके इस लेख से मुझे बहुत प्रेरणा मिली ,धन्यवाद

    R K KHURANA के द्वारा
    May 28, 2012

    प्रिय रेखा जी, आपको मेरा लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” अच्छा लगा ! मन प्रसन्न हो गया ! यह मंच सच में सबको अनमोल बना देता है ! प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

आर.एन. शाही के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना जी, सादर प्रणाम ! कल एकाएक कहीं बाहर आना पडा. एक स्थान पर नेट खोलने का मौक़ा मिला तो जागरण खोले बिना रहा नहीं गया. मेरा चश्मा कहीं दूर मेरे सामान में है, और यहाँ नेट देख रहा हूँ. आपके इस ब्लॉग की पुरानी तस्वीरें देखकर आभास हो रहा है कि आपने अपनी यादों में सहेज कर रखे हुए कुछ नायाब मोती यहाँ बिखेरे हैं, जिसे मैं ठीक से पढ़ पाने में इस वक़्त खुद को असमर्थ पा रहा हूँ. कल लौट कर फिर से पढ़ना भी पडेगा, और लिखना भी. क्षमा चाहूँगा.

    R K KHURANA के द्वारा
    May 27, 2012

    प्रिय श्री शाही जी, आपने मेरा लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” देखा ! आप जैसे महान लेखकों की नज़र इस नाचीज़ पर पड़े तो यह हमारा सौभाग्य ही है ! हमने कोइ अच्छे कर्म किए है जो आप जैसी हस्ती हमारा मार्ग दर्शन करती है ! कोइ बात नहीं कल फिर मिलेंगे ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

rajkamal के द्वारा
May 27, 2012

आदरणीय खुराना चाचा जी …… सादर प्रणाम ! आपकी याददाश्त शक्ति की दाद देनी पड़ेगी की कितनी बारीकी से आपने जागरण मंच के इस सफर को हमारे सामने प्रस्तुत किया है …… उस समय आप इस मंच के एक सतम्भ थे और आपकी रचना पर कमेन्ट देते हुए डर लगा करता था – हा हा हा हा हा हा हा आपकी सारी की सारी पेशकारी उत्तम है बस एक ही बात कुछ अजीब लगती है ….. आपने अपनी रचनाओं पर कमेन्ट देने वाले उस समय के सभी ब्लागर्स का जिक्र तो किया है लेकिन उनमे से ज्यादातर अब सक्रिय नहीं है इसलिए किसी न किसी बहाने से आपको आज के समय के ब्लागर्स का जिक्र भी कर ही देना चाहिए था ….. एक मुद्दत के बाद आपको यहाँ पर इस मंच पर फिर से सक्रिय होते देखना सुखद रहा …. इस बेहतरीन रचना पर मुबारकबाद

    R K KHURANA के द्वारा
    May 27, 2012

    प्रिय राज कमल जी, मेरी रचना “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” पर आपकी प्रतिक्रिया मिली ! आपके लिए धन्यवाद शब्द तो बहुत छोटा हो जायगा ! क्योंकि आप मेरे इतने अपने हो के धन्यवाद देना उचित नहीं लगता ! जहाँ तक डर की बात है तो मुझे डर नहीं लगता ! क्योंकि कहावत है ना की “भतीजा (सैंयां) भयो कोतवाल तो डर काहे का” ! आप जैसे मेरे भतीजे कोतवाल (दबंग दरोगा) हैं तो मुझे कैसा डर ? रही बात आज के ब्लागेर्स के जिक्र की तो यहाँ पर जागरण वालो ने अपने सफ़र के खट्टे – मीठे पलों के अनुभव के बारे में कहा था ! इसीलिए मैंने पुराने साथियों का ही जिक्र किया है ! बाकि अभी तो पिक्चर बाकि है मेरे दोस्त ! आगे बहुत से मौके आएंगे ! राम कृष्ण खुराना

Santosh Kumar के द्वारा
May 27, 2012

श्रद्धेय सर ,.सादर प्रणाम आपके अनमोल संस्मरण पढकर बहुत अच्छा लगा ,..हम सब जागरण के आभारी हैं जो आप सब विभूतियों के बीच कुछ समय गुजारने का मौका मिलता है ,..सादर आभार

    R K KHURANA के द्वारा
    May 27, 2012

    प्रिय संतोष जी, मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” के लिए आपकी प्रतिक्रिया से मन प्रसन्न हो गया ! आप जैसे सुधि पाठको/लेखकों के उत्साह वर्धन से ही लिखने का उत्साह मिलता है ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

yamunapathak के द्वारा
May 26, 2012

namaskaar सर, इस अनुपम मंच से मैं इसी वर्ष फरवरी मास से जुडी.पर आपके इस ब्लॉग ने हमें शुरुआती दौर और उससे जुडी आपकी उपलब्धियां,जागरण अखबार के सम्मानित सदस्यों का आम जनता के प्रति स्नेहपूर्ण व्यवहार आदि कई उज्जवल पक्ष से रु-ब-रु करवाया. आपकी अब तक के सफल सफ़र के लिए आपको हार्दिक बधाई aap जैसे लेखक मंच से जुड़े नए ब्लोग्गेर्स के लिए प्रेरणास्पद हैं. शुक्रिया.

    R K KHURANA के द्वारा
    May 27, 2012

    प्रिय यमुना जी, मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” पर आपकी इतनी अच्छी प्रतिक्रिया पाकर मैं गद गद हो गया ! आप इस मंच से अभी जुडी है लेकिन मैं आपको विश्वाश दिलाता हूँ की इस मंच की तरह का मंच और इतना प्यार, दुलार और इज्जत और कहीं संभव नहीं है ! इस मंच के सदस्य भरपूर पयार करते है और सम्मान देते है आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

nishamittal के द्वारा
May 26, 2012

आदरनीय खुराना जी आज बड़ी लम्बेरे अवधि के पश्चात आपको मंच पर देखना बहुत सुखद लगा.आपका स्वागत आपकी उपलब्धियां पढ़कर बहुत अच्छा लगा,बधाई और पुनः स्वागत

    R K KHURANA के द्वारा
    May 27, 2012

    प्रिय निशा जी, आपको मेरा लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” अच्छा लगा ! आपने तो मेरे पहले भी बहुत सारे लेख पढ़े है और उस पर अपनी बहुमूल्य प्रतिक्रियाएं दी है जिससे मुझे और आगे लिखने का उत्साह मिला ! मैं आपका और इस मच के सभी सदस्यों का दिल से आभारी हूँ जिनके सहयोग व प्यार के कारन मैं कुछ लिख पाया ! आपका बहुत बहुत धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

PRADEEP KUSHWAHA के द्वारा
May 26, 2012

आदरणीय खुराना जी, सादर अभिवादन आपके इस लेख से काफी जानकारी मिली. धन्यवाद आपका.

    R K KHURANA के द्वारा
    May 27, 2012

    प्रिय प्रदीप जी, आपको मेरे लेख “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” से जानकारी मिली और आपको आनंद आया ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए आपका बहुत बहुत आभार ! कृपया ऐसे ही स्नेह बनाए रखें ! राम कृष्ण खुराना

R K KHURANA के द्वारा
May 26, 2012

प्रिय जवाहर जी, आप सब लोगो का मुझे इतना प्यार मिला है कि मैं आप लोगो को कभी भी भुला नहीं सकता ! फिर जागरण जंक्शन का भी मैं आभारी हूँ जहाँ पर मुझे आप जैसे सज्जन मिले ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद ! राम कृष्ण खुराना

jlsingh के द्वारा
May 26, 2012

आदरणीय खुराना चाचा, सादर अभिवादन! “अनमोल बनाया जागरण जंक्सन ने” आलेख में अपना नाम पढ़कर मैं “फूला नहीं समा” रहा हूँ! आप सचमुच ‘चाचा’ हैं और आपने जितना विस्तृत विवरण दिया है, मन प्रफ्फुल्लित हो गया. आपके एक एक शब्द अनमोल हैं. पर आप काफी दिनों से इस मंच पर अपना योगदान नहीं कर रहे हैं, इसकी कमी भी महसूस हो रही है. आपके सुखद भविष्य की कामना के साथ आपका भतीजा – जवाहर लाल सिंह (जे. एल. सिंह)


topic of the week



latest from jagran