KADLI KE PAAT कदली के पात

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हम हिन्दी दिवस हैं मनाते

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हम हिन्दी दिवस हैं मनाते

राम कृष्ण खुराना


अंग्रेजी ओढते, अंग्रेजी पहनते, अंग्रेजी ही हम हैं बिछाते !

कवितायें, छंद सब भूल चुके हैं, खुश होते पोयम सुनाते !

हिन्दी दिवस पर बैनर, पोस्टर, एजेंडा अंग्रेजी में छपवाते !

फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !

धोती, कुरता, लुंगी, टोपी, यह सब हमको मुंह चिढाते !

कोट-पैंट, नेक-टाई, ट्राउज़र-शर्ट ही हमारी शान बढाते !

वी आल शुड टाक इन हिन्दी गर्व से सबको हैं समझाते !

फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !

हिन्दी न जानने वाले भी विधायक, सासंद, मंत्री बन सकते हैं

हिन्दी न जानने वाले भी राष्ट्र्पति पद सुशोभित कर सकते हैं !

परंतु अंग्रेजी न जानने वालों को उनका चपरासी भी नहीं लगाते !

फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !

अंग्रेजी की चहूं ओर है चांदी, हिन्दी बनकर रह गई बांदी !

विदेशी भाषा सम्मान पा रही, अपनी भाषा ठुकराई जा रही !

कानवेंट के मार्डन स्टूडेंट बावन कितने होते, बता न पाते !

फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !

वादा है हिन्दी की लौ को दिल से बुझने नहीं देंगे !

वादा है अगली 14 सितम्बर को तुम्हें फिर याद करेंगें !

सब मिल हैप्पी हिन्दी डे, हैप्पी हिन्दी डे के नारे लगाते !

फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !

निपट गया कवि सम्मेलन, गोष्टी, पखवाडा, सप्ताह मनाना !

पूरी हुई रस्म, अब अगली सितम्बर को फिर तुम आना !

हिन्दी दिवस का फंड है आया, हम सब मिल बांट कर खाते !

फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !

(हिंदी दिवस के उपलक्ष में मेरी और से सबको शुभकामनायें)

राम कृष्ण खुराना

khuranarkk@yahoo.in

9988927450

http://khuranarkk.jagranjunction.com



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42 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

rameshbajpai के द्वारा
March 27, 2011

आदरणीय भाई जी इस हिंदी दिवस की बधाई |” ख़िताब होली के ” पोस्ट पर आपके आशीर्वाद का इंतजार है |

    R K KHURANA के द्वारा
    March 27, 2011

    प्रिय रमेश जी, ऐसे हिंदी दिवस ही हमारे देश को रसातल में ले जा रहे हैं ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद राम कृष्ण खुराना

आर.एन. शाही के द्वारा
March 27, 2011

आदरणीय खुराना साहब, प्रणाम ! अंग्रेज़ी में हिन्दी दिवस मनाने की नौटंकी का अच्छा चित्रण प्रस्तुत किया आपने । बधाई ।

    R K KHURANA के द्वारा
    March 27, 2011

    प्रिय श्री शाही जी, हमारे देश में यही हो रहा है ! शोर तो बहुत करते है लेकिन सभी बड़े लोगो के बच्चे कान्वेंट स्कूल में या विदेश में जाकर पढना पसंद करते है ! हमारा तंत्र भी अंग्रेजी माध्यम से पढ़े को ही मान्यता देते है ! बिना अंग्रेजी की परीक्षा पास किए आप संतक नहीं हो सकते ! आपकी पर्तिक्रिया के लिए धन्यवाद राम कृष्ण खुराना

lata kamal के द्वारा
March 26, 2011

बहुत सुंदर व्यंग है . मन खुश हो गया .नयी पाठिका बनी हूँ .१४ सितम्बर को हमेशा ही मन दुखी हो जाता था की अपनी ही भाषा को ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करने के लिए हमें एक दिन ,पखवाडा ,या महिना मनाना पड़ता है और उसके बाद मनाने वाले ही उसे भूल जाते है. मैंने एक पोस्टर देखा था जो हिंदी दिवस मनाने के लिए ही बनाया गया था पर उसके नीचे बनाने वाले का नाम अंगरेजी मैं लिखा था .यह व्यंग लोगो की आंखे खोलने का काम जरूर करेगा .धन्यवाद

    R K KHURANA के द्वारा
    March 27, 2011

    सुश्री लता जी, मेरी व्यंग कविता ““हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” पढ़ कर आपका मन खुश हो गया ! मेरा लिखना सार्थक हो गया ! यदि मेरे लेखन से किसी एक का भी मन खुश हो जाय या किसी को किसी प्रकार से भी लाभ हो तो मेरे लिए यह सबसे पड़ा पुरस्कार है ! मैं आपकी भावना की कद्र करता हूँ ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

Alka Gupta के द्वारा
December 6, 2010

श्री खुराना जी , हिंदी  दिवस के अवसर पर एक बहुत ही सुंदर रचना

    R K KHURANA के द्वारा
    December 7, 2010

    सुश्री अलका जी, आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद राम कृष्ण खुराना

nitindesai के द्वारा
September 16, 2010

आदरणीय खुराना जी, प्रणाम. एकदम धमाल… काटो तो खून नहीं… बहुत-बहुत बधाई हो.

    R K KHURANA के द्वारा
    September 16, 2010

    प्रिय नितिन जी, मेरी कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” पर आपका प्यार मिला ! आपको मेरी कविता धमाल लगी ! लिखना सार्थक हो गया ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

Shailesh Kumar Pandey के द्वारा
September 16, 2010

आदरणीय चाचा जी ! आपने बहुत कायात्मक व्यंग लिखा है | कोट-पैंट, नेक-टाई, ट्राउज़र-शर्ट ही हमारी शान बढाते ! वी आल शुड टाक इन हिन्दी गर्व से सबको हैं समझाते ! और ये पक्तियां मुझे बहुत अच्छी लगी, बधाई

    R K KHURANA के द्वारा
    September 16, 2010

    प्रिय शैलेश जी, आपको मेरी कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” बहुत अच्छी लगी जानकर मुझे भी बहुत अच्छा लगा ! आप लोगो की ख़ुशी में ही मेरी ख़ुशी निहित है ! आपका धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

rajkamal के द्वारा
September 15, 2010

प्रणाम चाचा जी … सबसे पहले तो आपको हाल अफ फेम चुने जाने की तहेदिल से बधाई …. आप ने मेरे बिजली के लेख पर कहा था ….वाकई में मैं पूरी कोशिश करने पर भी सही -२ पीछे नहीं झांक सकता … तो आप से गुजारिश है की आप अपनी सशक्त लेखनी के द्वारा हमारा मार्गदर्शन करते हुए अनजाने पहलुओ पर रौशनी ज़रूर डालेंगे …

    R K KHURANA के द्वारा
    September 16, 2010

    प्रिय राजकमल जी, बधाई देने के लिए आपका तहेदिल से शुक्रगुज़ार हूँ ! आपको जब भी जहाँ भी मेरी जरुरत महसूस हो मैं हाज़िर हूँगा ! मेरा आशीर्वाद हमेशा आपके साथ है ! “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” की प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

Piyush Pant के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय खुराना जी……….. हिंदी दिवस पर हिंदी भाषा के लिए बेहतरीन तोहफा………….. बहुत बढ़िया…………. हार्दिक बधाई………….

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय पियूष जी, आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए बहुत मूल्यवान है ! “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” के लिए आपका स्नेह मेरे लिए बहुत उपयोगी है ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

K M Mishra के द्वारा
September 14, 2010

काका प्रणाम । उतकृष्ट रचना के लिये बधाई । वैसे मैं तो कहता हूं कि हम ब्लागरो का हर दिन हिंदी दिवस है । हम हर रोज कुछ न कुछ रचते हैं । दूसरे ब्लागर मित्रों को पढ़ते हैं, उनको टिपियाते हैं । हर दिन नये ब्लागर बंधुओं का स्वागत करते हैं और न जाने क्या क्या रोज हिंदी में करते हैं । इसी बहाने हम रोज हिंदी का प्रचार प्रसार करते हैं । हमारा हर दिन हिंदी दिवस होता है । ठीक सोचता हूं न काका ।

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय मिश्र जी, आपने बिलकुल ठीक कहा है ! हम तो प्रयास करते है की ज्यादा से ज्यादा हिंदी का प्रयोग करें ! परन्तु कई बार हम पंगु हो जाते है ! मैंने यही बात अरविन्द जी के लेख में कही थी की जब तक सरकार नहीं चेतेगी तब तक हम लोग सिर्फ तूती ही बजाते रहेंगे ! लेकिन दूसरी तरफ सोचता हूँ की तूती बजाना भी जरुरी है ! वरण तो सब सोते ही रहेंगे ! आपकी सुंदर प्रतिक्रिया लिए आभारी हूँ ! हाँ मैंने सुना है कि आपका व्यंग संस्करण छपने वाला है ! क्या यह सही है ! तो फिर हम आपके व्यंग संस्करण के प्रकाशित होने की प्रतीक्षा करेंगे ! उसके लिए मेरी अग्रिम शुभकामनायें ! राम कृष्ण खुराना

    K M Mishra के द्वारा
    September 19, 2010

    काका प्रणाम । मेरा पहला व्यंग्य संकलन जल्दी ही प्रकाशित होने वाला है । आपक सबके अग्रिम आशीर्वाद का आकांक्षी हूं ।

    R K KHURANA के द्वारा
    September 19, 2010

    प्रिय मिश्र जी, जानकर प्रसनता हुई कि आप का व्यंग संकलन शीघ्र प्रकाशित हो रहा है ! मेरा आशीर्वाद हमेशा आपमें साथ है ! भगवन करे आपका संकलन शीघ्र बाज़ार में आ जाए और आप इससे भी ज्यादा तरक्की करें ! आपके संकलन का नाम क्या है ? राम कृष्ण खुराना

chaatak के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय खुराना जी, आपकी कविता ने तो व्यंग और कटाक्ष के वो तीर छोड़े कि सीढ़ी अंग्रेजी दां के करेजवा में जा लगे बस पढने की देर है| बधाई!

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय चातक जी, आप जैसे धुरंदर कवि की प्रतिक्रिया मेरे लिए उर्जा का काम करती है ! “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” के लिए आपका स्नेह प्राप्त हुआ ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

Ramesh bajpai के द्वारा
September 14, 2010

हिन्दी दिवस पर बैनर, पोस्टर, एजेंडा अंग्रेजी में छपवाते ! फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते ! आदरणीय भाई जी बहुत ही करारा व्यंग्य . हिंदी दिवस की हार्दिक कामनाये

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय रमेश जी, आपको मेरी कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” का व्यंग पसंद आया ! मैं आपकी प्यार भरी प्रतिक्रिया के लिए आभारी हूँ ! बहुत बहुत धयांवाद राम कृष्ण खुराना

दीपक जोशी DEEPAK JOSHI के द्वारा
September 14, 2010

वी आल शुड टाक इन हिन्दी गर्व से सबको हैं समझाते ! फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते !  प्रिय खुराना जी, भई वाकई आप ने सत्‍य ही कहा है। आज आलम यह है कि हिन्‍दी हमारी मात्र भाषा होते हुए भी हम उसे वो सम्‍मान नहीं दे पा रहें है जिसकी वो हकदार है, ठिक वैसे ही जैसे आज का एक ट्रेंड है कि बच्‍चे ऊंचे उठने के बाद अपने बुढे मां बापों को घर से निकल देते है। आज हम हिंदी के साथ भी यही कर रहें हैं।

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय दीपक जी, “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” कविता के लिए आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया मिली. ! आभारी हूँ राम कृष्ण खुराना

roshni के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय खुराना जी.. हिन्दी दिवस की बहुत बहुत बधाई.. सब मिल हैप्पी हिन्दी डे, हैप्पी हिन्दी डे के नारे लगाते ! फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते ! बहुत ही बढ़िया कविता धन्यवाद् सहित

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय रौशनी जी, आपको मेरी कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते\" बढ़िया लगी ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् १ राम कृष्ण खुराना

rita singh \'sarjana\' के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय अंकल जी , सादर अभिवादन l मेरी तरफ से भी आपको भी ‘हिंदी दिवस’की बहुत-बहुत शुभकामनायें ………….l काफी दिनों बाद आपकी रचना पढने को मिली l हिंदी की अवहेलना कर अंग्रेजी सिखने में ही लोग ज्यादा ध्यान देते है l एक्टर लोगो को ही देखिये ,फिल्म करते है हिंदी पर इंटरव्यू अंग्रेजी में (कुछ एक को छोड़कर) देते है l जबकि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा हैं l हिंदी दिवस पर बहुत अच्छी कविता प्रस्तुत करने के लिए आपको बधाई l

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय रीता जी, एक बार फिर धन्यवाद ! खुराना

rita singh \'sarjana\' के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय अंकल जी , सादर अभिवादन l मेरी तरफ से भी आपको भी \’हिंदी दिवस\’ की बहुत-बहुत शुभकामनायें ………….l काफी दिनों बाद आपकी रचना पढने को मिला l हिंदी की अवहेला कर अंग्रेजी सिखने में ही लोग ज्यादा ध्यान देते है l एक्टर लोगो को ही देखिये ,फिल्म करते है हिंदी पर इंटरव्यू अंग्रेजी में (कुछ एक को छोड़कर) देते है l हिंदी दिवस पर बहुत अच्छी कविता प्रस्तुत करने के लिए आपको बधाई l

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय रीता जी, आपको मेरी रचना “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” अच्छी लगी ! धन्यवाद् ! खुराना

NAVEEN KUMAR SHARMA के द्वारा
September 14, 2010

चाचा जी नमस्ते चाचा जी आपने बहुत ही खूब लिखा है हमारे देश के नेताओं को हिंदी को राष्ट्र भाषा घोषित कर देना चाहिए और सभी सरकारी काम हिंदी में ही होने चाहिए नवीन कुमार शर्मा बहजोई ( मुरादाबाद ) उ . प्र . मोबाइल नम्बर – 09719390576

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय नवीन जी, “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” के लिए आपका स्नेह मिला ! धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

आर.एन. शाही के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय खुराना साहब, बहुत सुन्दर कटाक्ष किया आपने अपनी कविता के माध्यम से हिंग्रेज़ी संस्कृति पर । हाड़-मांस के अलावा अब हमारा अपना कुछ भी नहीं है । हिन्दी दिवस की ढेर सारी बधाइयां ।

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय शाही जी, मेरी व्यंग कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” आपको पसंद आई ! आप जैसे वरिष्ठ लेखक से प्रतिक्रिया पाकर हौसला बढ़ गया ! आभार ! राम कृष्ण खुराना

Dharmesh Tiwari के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय खुराना जी प्रणाम,हिंदी दिवस की ढेर सारी शुभकामनाये,धन्यवाद

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय धर्मेश जी, मेरी कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” आपको अच्छी लगी ! धन्यवाद ! खुराना

Tufail A. Siddequi के द्वारा
September 14, 2010

आदरणीय खुराना जी ‘हेल्लो’ ‘हाउ आर यू’, हिंदी दिवस पर हिंदी के प्रति हमारी ‘ओनेस्टी’ और हमारे ‘बिहेविअर’ के पोल खोलती बेहतरीन ‘पोएम’.

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय तुफैल जी, मेरी कविता “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” के लिए आपकी प्रतिक्रिया मिली ! बहुत बहुत धन्यवाद ! तुफैल जी, मैं ठीक हूं अपने बारे में बताईये ! राम कृष्ण खुराना

Arvind Pareek के द्वारा
September 14, 2010

प्रिय श्री खुराना जी, आपनें कविता में बहुत खुब लिखा है :- वादा है हिन्दी की लौ को दिल से बुझने नहीं देंगे ! वादा है अगली 14 सितम्बर को तुम्हें फिर याद करेंगें ! सब मिल हैप्पी हिन्दी डे, हैप्पी हिन्दी डे के नारे लगाते ! फिर भी साल में एक दिन हम, हिन्दी दिवस हैं मनाते ! फिर भी साल में एक दिन व अगली 14 सिंतम्‍बर को तुम्‍हें फिर याद करेंगें । बहुत खुब व्‍यंग बाण छोड़े हैं आपनें । एक बेहतरीन रचना हैं आपकी यह कविता । अरविन्‍द पारीक

    R K KHURANA के द्वारा
    September 14, 2010

    प्रिय अरविन्द जी, “हम हिन्दी दिवस हैं मनाते” कविता के लिए आपका स्नेह प्राप्त हुआ ! मैं आभारी हूँ ! राम कृष्ण खुराना


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