KADLI KE PAAT कदली के पात

चतुर नरन की बात में, बात बात में बात ! जिमी कदली के पात में पात पात में पात !!

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कोई गारंटी नहीं

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कोई गारंटी नहीं

सफलता किस्मत से मिलती है !
हार को आप रोक नहीं सकते !
आप पूरी मेहनत करते हैं,
सचाई और इमानदारी से,
पूरी लग्न से जान लडा कर, काम करते हैं,
फिर भी आज की तरीख में आपको
सफलता मिल ही जायगी
इसकी कोई गारंटी नहीं !

 

शहर में बहुत बडे बाबा जी आए हैं !
बडा अच्छा प्रवचन करते हैं !
लोक-परलोक की बातें बताते हैं !
बाबा जी भगवान से मिलने का द्वार बतायेंगे,
योग सिखायेंगे, या…….???
इसकी कोई गारंटी नहीं !

 

आप बीमार हैं
भागे-भागे अस्पताल जाते हैं !
हाथ जोडकर डाक्टर को अपनी व्यथा सुनाते हैं !
डाक्टर की पर्ची लेकर
मेडिकल स्टोर जा रहे हैं !
नोटों के बडे-बडे बंडल देकर
दवाई ला रहे हैं !
वो दवाईयां असली ही हैं
इसकी कोई गारंटी नहीं !

 

चुनाव में आपने बढ-चढ कर भाग लिया है
नेता जी के वादों के बदले
अपनी रोज़ी-रोटी को कुर्बान किया है !
आपने अपने प्यारे नेता को
सच्चा और इमानदार मानकर वोट दिया है !
जीतने के बाद वो
अपने किए गए वादे निभायेगा
इसकी कोई गारंटी नहीं !

 

आपने अपनी बेटी को पढाया, लिखाया
बडे चाव से उसकी शादी की !
कर्ज़ लेकर भी उसकी हर चाहत पूरी की !
अपनी हैसियत से ज्यादा दहेज दिया !
फिर भी आपकी बेटी की ससुराल में
स्टोव नही फटेगा !
इसकी कोई गारंटी नहीं !

 

आपने अपनी मेहनत की सारी कमाई लगाकर
अपने बेटे को पढाया है !
प्रथम श्रेणी में पास होकर बेटे ने
आपका मान बढाया है !
फिर भी बिना रिशवत और सिफारिश के
उसको नौकरी मिल जायगी !
इसकी कोई गारंटी नहीं !

 राम कृष्ण खुराना

9216888063

http://www.khuranarkk.jagranjunction.com



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63 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

    R K KHURANA के द्वारा
    November 11, 2012

    what

    R K KHURANA के द्वारा
    November 11, 2012

    Is it virus

    R K KHURANA के द्वारा
    November 11, 2012

    can’t understand

Bonner के द्वारा
May 26, 2011

Never seen a bteetr post! ICOCBW

    R K KHURANA के द्वारा
    November 11, 2012

    Thanks

rahulpriyadarshi के द्वारा
January 11, 2011

आपसे जिस सार्थक रचनाधर्मिता की उम्मीद थी,उसमे आपने कहीं भी निराश नहीं किया,एक उन्नत रचना प्रस्तुत करने के लिए धन्यवाद.

    R K KHURANA के द्वारा
    January 12, 2011

    प्रिय राहुल जी, आपकी प्रतिक्रिया और स्नेह पाकर मैं गदगद हो गया ! मुझे लिखने का बहाना मिल गया ! मेरा प्रयत्न यही होता है की मैं आप लोगो का अधिक से अधिक मनोरंजन व ज्ञानवर्धन कर सकूं ! जज आप है ! आपकी प्रतिक्रियाके लिए दिल से धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

abodhbaalak के द्वारा
January 11, 2011

आदरणीय खुराना जी आजके दौर में किसी भी चीज़ की कोई गारंटी नहीं है, पर इस बात की गारंटी है की अगर पोस्ट आपकी होगी तो वो बहुत ही बेहतरीन होगी. व्यंगा के रंग में डूबी सुन्दर ही नहीं बल्कि बहुत …. http://abodhbaalak.jagranjunction.com/

    R K KHURANA के द्वारा
    January 12, 2011

    प्रिय अबोध जी, आप लोगो का इतना प्यार मुझे मिलता है की मैं इसका ऋण नहीं चूका पाऊँगा ! मुझे भी इस बात की गारंटी है की आप लोगो का प्यार इसी प्रकार से सदैव ही मिलता रहेगा ! आपकी प्रतिक्रिया के लिए आपका दिल से आभारी हूँ ! राम कृष्ण खुराना

Kanwar Lal Sharma के द्वारा
June 22, 2010

बेहतरीन व्यंग है ! गारंटी देना किसी के बस में नहीं है !

    R K KHURANA के द्वारा
    June 22, 2010

    प्रिय कँवर लाल जी, “कोइ गारंटी नहीं” में आपकी प्रतिक्रिया के लिए आभार ! राम कृष्ण खुराना

Sudershan Bajwa के द्वारा
June 22, 2010

कोइ गारंटी नहीं बहुत लाजवाब लिखा है ! मुझे बहुत पसंद आई !

    R K KHURANA के द्वारा
    June 22, 2010

    प्रिय सुदर्शन जी, कोइ गारंटी नहीं व्यंग आपको अच्छा लगा ! प्रतिक्रिया देने के लिए मैं आपका आभारी हूँ. ! राम कृष्ण खुराना

    Maralynn के द्वारा
    May 26, 2011

    Hey, that’s the geratset! So with ll this brain power AWHFY?

Amritpal Singh के द्वारा
June 22, 2010

बहुत सुंदर ! किसी की भी कोइ गारंटी नहीं !

    R K KHURANA के द्वारा
    June 22, 2010

    प्रिय अमृतपाल जी, आपको मेरी रचना कोइ गारंटी नहीं पसंद आई ! प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

Konika Nanda के द्वारा
June 19, 2010

सर, मैंने आपकी कई रचनाये पढ़ी है ! आप बहुत अच्छा लिखते है ! आपके पास एक टेक्नीक है जिससे पढने वाला बंधा रहता है और अंत में कुछ सोचने को मजबूर हो जाता है ! बधाई !

    R K KHURANA के द्वारा
    June 19, 2010

    प्रिय कोनिका जी, आपको मेरी रचना “कोइ गांरंटी नहीं” पसंद आई ! आपके स्नेह के लिए आभार ! राम कृष्ण खुराना

Gagandeep के द्वारा
June 18, 2010

बहुत ही अच्छा व्यंग किया है खुराना जी आपने ! आजकल के हालात ही ऐसे हैं कोइ गारंटी क्या देगा ! लिखते रहिये !

    R K KHURANA के द्वारा
    June 19, 2010

    प्रिय gagandeep जी, आपको मेरी रचना कोइ गारंटी नहीं अच्छी लगी ! धनयवाद ! कृपया स्नेह बनाये रखे ! राम कृष्ण खुराना

    Xannon के द्वारा
    May 26, 2011

    No more s***. All posts of this qulitay from now on

Harish Kumar के द्वारा
June 17, 2010

ठीक कहा है अप्कने आज के ज़माने में गारंटी मिलती कहाँ है ! सब लोगो को बेवकूफ बनाने के बहाने है !

    R K Khurana के द्वारा
    June 17, 2010

    प्रिय हरीश जी, “कोइ गर्नाती नहीं” व्यंग आपको अच्छा लगा ! प्रतिक्रिया के लिए आभारी हूँ ! राम कृष्ण खुराना

Munish Sachdeva के द्वारा
June 17, 2010

सही कहा अपने खुराना जी आज कल के ज़माने में किसी चीज़ की कोइ गारंटी नहीं !

    R K Khurana के द्वारा
    June 17, 2010

    प्रिय मुनीश जी, “कोइ गर्नाती नहीं” व्यंग पर आपकी प्रतिक्रिया के लिए आपका धन्यवाद् ! खुराना

aditi kailash के द्वारा
June 16, 2010

सही कहा आपने फैशन के इस दौर में किसी भी चीज़ की कोई गारंटी नहीं………

    R K Khurana के द्वारा
    June 17, 2010

    प्रिय अदिति प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् ! खुराना

NAVEEN KUMAR SHARMA के द्वारा
June 16, 2010

GOOD AFTERNOON KHURANA JI, KYA GARANTI HAI KI YE KAVITA AAPKI HAI? MAJA AA GAYA. LEKIN IS BAAT KI FULL GARANTI HAI KI YE KAVITA READERS KO PASAND JARUR AAYEGI.REALLY BAHUT HI ACHCHI KAVITA LIKHI HAI AAPNE. NAVEEN KUMAR SHARMA BAHJOI (MORADABAD) U.P. 09719390576 NAVEEN_SHAGUN@REDIFFMAIL.COM

    R K Khurana के द्वारा
    June 16, 2010

    प्रिय नवीन जी, मेरी रचना “कोइ गारंटी नहीं” आपको अच्छी लगी जानकर हर्ष हुआ ! प्रतिक्रिया देने के लिए आपका आभारी हूँ. ! राम कृष्ण खुराना

shashiranjanmishra के द्वारा
June 16, 2010

कोई गारंटी नहीं फिर माल कैसे बिकेगा बिना गारंटी का कवी श्रोता कैसे खींचेगा झूठा ही सही कोई गारंटी दिखलावो स्टार मार्क अंकित कर नीचे कंडीसन गिनवाओ |

    R K Khurana के द्वारा
    June 16, 2010

    प्रिय शशि जी, गारंटी नहीं आज वारंटी का जमाना है ! वारंटी देकर लोगो को फ़साना है ! यह तो ग्राहक को दुकान में बुलाने का बहाना है ! बाद में स्टार लगाकर कंडीशन बताएँगे ! अब तो पचास कमा रहे है फिर सौ कमाएंगे ! प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

    Amberly के द्वारा
    May 26, 2011

    It’s spooky how celevr some ppl are. Thanks!

mihirraj2000 के द्वारा
June 16, 2010

प्रिय खुराना जी क्या गारंटी है ये रचना आपकी है? मेरी क्यों नहीं? हा हा मजा आ गया. आप हर मामले में लाजबाब है. भगवन आपकी सफलता की गारंटी दे दे.

    R K Khurana के द्वारा
    June 16, 2010

    प्रिय मिहिर जी, कोइ गारंटी नहीं – सच में कोइ गारंटी नहीं – इस रचना के बारे में भी कोइ गारंटी नहीं क्योंकि आप भी तो हमारे हो फिर रचना क्या चीज़ है हमारा सब कुछ आप बच्चों का ही तो है ! मिहिर जी, प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

NIKHIL PANDEY के द्वारा
June 15, 2010

अच्छी रचना है इसबात की गारेंटी है की ये रचना सभी को पसंद आयेगी …

    R K KHURANA के द्वारा
    June 15, 2010

    प्रिय निखिल पांडे जी, मुझे भी इस बात की गारंटी थी की आप सबका भरपूर प्यार मिलेगा ! पांडे जी, बहुत बहुत धन्यवाद् राम कृष्ण खुराना

sumityadav के द्वारा
June 15, 2010

अकंलजी, बेहतरीन रचना। आपके इस काव्य व्यंग्य को पढ़कर मजा आ गया। सचमुच आज के जमाने में कोई गारंटी नहीं। लेकिन आप टॉप-१० में आओगे इसकी गारंटी जरूर है।

    R K Khurana के द्वारा
    June 15, 2010

    प्रिय सुमित जी, “कोइ गारंटी नहीं कविता” आपको बेहतरीन लगी जानकर मन प्रसन्न हो गया ! आपका आभार ! टॉप 10 में कौन आता है इस बारे में तो मैं कुछ भी नहीं कह सकता परन्तु आप लोगों का जो प्यार मिला है उसको भुलाया नहीं जा सकता ! प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद ! राम कृष्ण खुराना

    Jady के द्वारा
    May 26, 2011

    Home run! Great suliggng with that answer!

kmmishra के द्वारा
June 15, 2010

सुंदर कविता । पढ़ कर कई नामी गिरामी कवियों की याद आयी । आभार ।

    R K Khurana के द्वारा
    June 15, 2010

    प्रिय मिश्र जी, आपकी प्रतिक्रिया पाकर बहुत अच्छा लगता है ! वैसे इस बात की भी कोइ गारंटी नहीं थी की यह व्यंग सबको पसंद आयेगा ! परन्तु आप लोगों का प्यार पाकर मन गदगद हो गया ! धन्यवाद् ! राम कृष्ण खुराना

Nikhil के द्वारा
June 15, 2010

व्यंग्य सचमुच लाजवाब है. चाचाजी से संबोधित नहीं करूँगा, वरना लोग कहेंगे फिर से नक़ल की.. अंकल जी ठीक रहेगा. बाकी चीजों की गारंटी नहीं है मन, लेकिन मेहनत करने पर भी सफलता की गारंटी नहीं इस बात से मैं इत्तेफाक नहीं रखता. आपके द्वारा साहित्य के एक और नए आयाम को जानने का मौका मिला. आभार, निखिल झा

    R K Khurana के द्वारा
    June 15, 2010

    प्रिय निखिल जी, मेरे व्यंग “कोइ गारंटी नहीं” के बारे में आपकी प्रतिक्रिया मिली ! धन्यवाद ! आपको व्यंग अच्छा लगा मुझे ख़ुशी हुई ! मेहनत से सफलता न मिलने की बात जो मैंने कही है उसमे मैंने “आज की तारिख में” लिखा है ! मेरा आशय यहाँ व्यंग के रूप में है ! आज रिश्वत और भाई भतीजावाद के कारण मैंने ऐसे कहा है ! राम कृष्ण खुराना

    R K Khurana के द्वारा
    June 15, 2010

    प्रिय निखिल जी, आप चाचा जी कहें या अंकल दोनों में आपका प्यार झलकता है ! धन्यवाद् खुराना

    Nikhil के द्वारा
    June 16, 2010

    मैं आपकी बात समझ सकता हूँ. लेकिन क्या करूँ मेरी कविता सुन मेरी भी हुनकर की चार पंक्तियाँ गाता हूँ. पथ से विपथ पथिक, हर समय कहाँ होता है. है भुज मैं दम जिनके, वो भाग्य को कब रोता है. आभार, निखिल झा

    R K Khurana के द्वारा
    June 16, 2010

    प्रिय निखिल जी, आपने सत्य कहा ! आपकी चार पंक्तियों में दम है ! भुजबल हाथ की रेखाएं भी बदल देतें है ! फिर भी भाग्य तो है ही ! इससे इंकार भी नहीं किया जा सकता ! खैर प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद ! खुराना

parveensharma के द्वारा
June 15, 2010

खुराना जी काव्यात्मक शैली में लिखा आपका व्यंग्य लाजवाब है. आपने अशोक चक्रधर की याद दिला दी. मुबारक….

    R K KHURANA के द्वारा
    June 15, 2010

    प्रिय परवीन जी, आपको मेरा व्यंग “कोइ गारंटी नहीं” लाजवाब लगा ! धन्यवाद् ! मेरा प्रयास यही है की आप जैसे सुधि पाठकों को इस विधा के माध्यम से कुछ दे सकूं ! राम कृष्ण खुराना


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